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दुर्ग के बाद बलरामपुर में अफीम की खेती कांग्रेस ने कहा पूरे प्रदेश को भाजपा नशे का गढ़ बनाना चाह रही देखिए पूरा मामला

रायपुर/10 मार्च 2026। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि दुर्ग के समोदा में अफीम की खेती के खुलासे के बाद बलरामपुर के कुसुमी थानांतर्गत त्रिपुरी गांव में अफीम की खेती के खुलासे से साबित हो रहा है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद भाजपा पूरे छत्तीसगढ़ को नशे का गढ़ बनाना चाहती है। बिना सरकार के तथा सत्ता में बैठे हुए लोगों के संरक्षण के खुलेआम अफीम की खेती नहीं हो सकती और न ही गली, कूचों में गांजा, शराब, सूखे नशे का कारोबार हो सकता है। दुर्ग के तो भाजपा का प्रभावशाली नेता की संलिप्तता था, प्रदेश के अन्य स्थानों पर भी भाजपाई संरक्षण में ही नशे की खेती हो रही है।

अभी तो सिर्फ दो जगह का खुलासा हुआ है, पूरे प्रदेश में सरकार अफीम, गांजा, भांग की खेती करवा रही है।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पूरे प्रदेश में अवैध नशे के कारोबार को संरक्षण, भाजपा की सरकार में मिल रहा है। दुर्ग जिले के समोदा में जिस भूमि पर भाजपा नेता अफीम की खेती कर रहा था, भाजपा की सरकार ने डिजिटल गिरदावली रिपोर्ट में उस जमीन पर मक्का और गेहूं की खेती बताया है, इसका मतलब साफ है कि सत्ता के संरक्षण में ही यह सब कुछ हो रहा है। नशीली दवाएं, प्रतिबंधित गोलियां, अवैध सूखा नशा गली मोहल्ले में निर्बाध बिक रही है, नाबालिक बच्चों तक पहुंचाई जा रही है। पिछले 13 महीना के दौरान 2599 प्रकरण नारकोटिक्स के दर्ज हुए जो ज्यादातर सोशल मीडिया के माध्यम से उजागर हुए हैं, सरकार का इंटेलिजेंस और प्रशासन मौन हैं। कार्यवाही के नाम पर केवल लीपापोती की जा रही है।

10 से 17 साल के लाखों नाबालिक बच्चे सूखे नशे की गिरफ्त में आ चुके हैं, सैकड़ों मौत हो चुकी है लेकिन यह सरकार सोई हुई है।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश में अवैध नशे के तस्कर, कोचिंग और बिचौलियों को संरक्षण देते देते भाजपाई अब अफीम की खेती तक उतर आए हैं, कमल खिलाने का दावा करने वाले भाजपाई अफीम के पौधे उगाने लगे हैं। सरकार और पुलिस की मिलीभगत के कारण ही प्रदेश के युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे है। पिछले दो साल में शराब, गांजा, अफीम, हिरोईन जैसे नशों के कारण प्रदेश की युवा पीढ़ी में नशे की लत महामारी का रूप ले चुकी है। चंद पैसों के लिए सत्तासीन लोग नशे के बढ़ते कारोबार को रोकने के बजाय संरक्षण दे रहे है।

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