खैरागढ़ के नया करेला गांव में पीएचई विभाग और ग्राम पंचायत की लापरवाही के कारण अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ गई है। दूषित जल के कारण पूरे गांव में बीमारी ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं।दूषित जल के प्रयोग से अब तक 50 लोग डायरिया से पीड़ित हो चुके हैं। जिनमें 5 गंभीर की हालत देखते हुए उन्हें इलाज के लिए राजनांदगाव मेडिकल कालेज भेजा गया है।

ग्रामीणों का साफ कहना है जल जीवन मिशन के तहत बनी पानी टंकी और पाइपलाइन की महीनों से सफाई तक नहीं हुई। जगह-जगह जल प्रदाय पाइप-लाइन गंदी नालियों के संपर्क में हैं, जिससे पीने का पानी पूरी तरह प्रदूषित हो गया। इसी गंदे पानी ने पूरे गांव को बीमार कर दिया। पिछले दो दिनों से लगातार उल्टी-दस्त के मरीज बढ़ते गए। स्थिति बिगड़ने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम नए करेला पहुंची और कैंप लगाकर इलाज शुरू किया।

कई मरीजों का इलाज सिविल अस्पताल खैरागढ़ में चल रहा है, जबकि चार गंभीर मरीजों को राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। ग्रामीणों का आक्रोश इस बात पर है कि पीएचई विभाग को समस्या की जानकारी पहले से थी, फिर भी किसी ने सुधार की जहमत नहीं उठाई। अगर समय रहते पानी की जांच और सफाई होती, तो यह हालात नहीं बनते। जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा ने बताया कि अधिकांश मरीजों की हालत अब स्थिर है, अभी भी गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार निगरानी में लगी हैं।




