छत्तीसगढ़रायपुर

MIC की हुई बैठक, कई मुद्दों पर हुई चर्चा महापौर ने कहा इंदौर के फॉर्मूले पर शहर में किया जाएगा कार्य

रायपुर। मेयर इन कौंसिल की बैठक में रायपुर शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने इंदौर फार्मूले पर चलने का निर्णय लिया गया। एनजीओ को इसकी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। वार्डों के एक्शन प्लान तैयार करने हेतु अर्बन प्लानिंग कंसल्टेंट की नियुक्ति पर  निर्णय  हुआ। रैली व धरना प्रदर्शन  करने वालों से 500 रुपये सफाई शुल्क लिया जाएगा।

मेयर इन कौंसिल की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि इंदौर की सफाई व्यवस्था की मिसाल दी जाती है। इसे समझने 23 एवं 24 जून को मेरे अलावा नगर निगम कमिश्नर, निगम मुख्य अभियंता एवं जोन स्वास्थ्य अधिकारी इंदौर भ्रमण पर गए थे। वहां हमने देखा कि डोर टू डोर कचरा संग्रहण के प्रत्येक वाहन की मॉनिटरिंग हेतु एनजीओ को अधिकृत गया है। सभी घरों तक डोर टू डोर वाहन जा रहा है या नहीं? निर्धारित रूट से कलेक्शन हो रहा है या नहीं? यह देखने  की जिम्मेदारी संबंधित एनजीओ पर होती है। एनजीओ व्दारा नागरिकों को गीला सूखा कचरा अलग-अलग देने हेतु प्रोत्साहित किया जाता है।

इंदौर में बेहतरीन सफाई व्यवस्था के पीछे कारण वहां के नगर निगम एवं आम जनता के बीच बेहतर समन्वय होना है। पॉयलेट प्रोजेक्ट के तौर पर रायपुर में भी इंदौर के तर्ज पर सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने एनजीओ को माध्यम बनाया जाएगा। डोर टू डोर संग्रहण वाहन की मॉनिटरिंग के साथ-साथ नगर निगम तथा जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने में एनजीओ की अहम् भूमिका होगी। एनजीओ के माध्यम से 1 वर्ष के इस पायलेट प्रोजेक्ट 7 करोड़ 90 लाख 60 हजार 200 रुपये व्यय संभावित है।

महापौर ने बताया कि नगर निगम सीमा में आने वाले सभी 70 वार्डों के एक्शन प्लान तैयार करने हेतु अर्बन प्लानिंग कंसल्टेंट की नियुक्ति करने पर  निर्णय  हुआ। कुल 8 कंसल्टेंट की नियुक्ति की गई है। सभी कंसल्टेंट को जोनवार क्षेत्र विभाजित किया गया है। सभी कंसल्टेंट को प्रत्येक वार्ड में आधुनिक तकनीक का प्रयोग करते हुए भविष्य को ध्यान में रख वार्डो के विकास हेतु वार्ड एक्शन प्लान एवं जोनल एक्शन प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी  सौंपी गई है। कंसल्टेंट की ओर से रोड, नाली, पब्लिक बिल्डिंग, उद्यान, रिक्त शासकीय भूमि, खेल मैदान का विश्लेषण कर उनमें सुधार एवं जीर्णोद्धार के प्रस्ताव तैयार कर देने होंगे।

धरना, पंडाल व जुलूस के लिए निगम से लेनी होगी अनुमति

महापौर ने बताया कि मैदान, सार्वजनिक मार्ग, फुटपाथ चौराहे या सार्वजनिक खुले स्थानों पर धरना, पंडालों व जुलूस के निर्माण की अनुमति नगर निगम से लेनी होगी। शासन के आदेशानुसार उक्त अस्थाई संरचनाओं हेतु अनुमति शुल्क लिया जाना प्रस्तावित है। त्यौहार सीजन अथवा सामाजिक रैली / धार्मिक/राजनैतिक कार्यों के लिए अस्थाई मंच का निर्माण शामियाना  रैली/जुलूस हेतु आयोजन पश्चात् सफाई व्यवस्था हेतु प्रति आयोजन 500 रुपये लिया जाना प्रस्तावित है। सार्वजनिक खुले मैदान, सार्वजनिक मार्ग, फुटपाथ चौराहे या सार्वजनिक खुले स्थान  पर धरना, पंडालों अस्थाई संरचनाओं हेतु 5 रुपये प्रति वर्गफुट की दर से प्रति दिवस एवं जुलूस एवं  रैली हेतु 500 रुपये प्रति आयोजन शुल्क जमा कराकर अनुमति दिया जाना प्रस्तावित है।

टाउन हॉल का किराया 10 हजार

महापौर ने बताया कि कलेक्टोरेट के बाजू स्थित टाउन हॉल में सामाजिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों हेतु प्रतिदिन बुकिंग शुल्क 10 हजार रुपये निर्धारित करने का निर्णय लिया गया। प्रति घंटे की दर से भी टाउन हॉल की बुकिंग  हो सकेगी। टाउन हॉल बुकिंग के लिए 5 हजार सुरक्षा निधि के तौर पर लिए जाएंगे, जो वापसी योग्य होगा। टाउन हॉल में सफाई, संधारण एवं देखरेख की जिम्मेदारी के लिए एक कर्मचारी की नियुक्ति की जाएगी। बुकिंग करने वाले आयोजक को सफाई एवं रखरखाव की जिम्मेदारी सुनिश्चित करनी होगी एवं बिजली व्यवस्था स्वयं की व्यय से किया जाना होगा। शासकीय आयोजनों के लिए टॉउन हॉल निःशुल्क रहेगा, परंतु बिजली एवं साफ-सफाई का व्यय देना होगा, जो कि 1000  रुपये होगा।

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