
रायपुर, 15 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पीएससी की परीक्षाएं स्थगित होने को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासनकाल में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की भर्ती प्रक्रिया अनियमितताओं और अव्यवस्थाओं का केंद्र बन गई है।दीपक बैज ने कहा कि एक महीने के भीतर सिविल सेवा परीक्षा-2025 के साक्षात्कार और पुलिस एसआई व सूबेदार भर्ती परीक्षा को स्थगित किया गया है। इससे अभ्यर्थियों के भविष्य और भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
साक्षात्कार के लिए चयन प्रक्रिया पर सवालबैज ने दावा किया कि सिविल सेवा परीक्षा-2025 में 265 पदों के विरुद्ध 795 अभ्यर्थियों के चयन के अनुपात के अनुरूप साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थी चयनित नहीं किए गए। आयोग ने 608 अभ्यर्थियों को ही साक्षात्कार के लिए योग्य माना। उन्होंने 187 अभ्यर्थियों के चयन नहीं होने पर सवाल उठाते हुए मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि वे अपने मूल्यांकन की जांच कर सकें।उन्होंने एसआई भर्ती परीक्षा के परिणाम में अभ्यर्थियों के नामों में कथित गड़बड़ी और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन पर भी सवाल उठाए।
साथ ही आयोग के अध्यक्ष का पद एक महीने से अधिक समय से रिक्त होने का मुद्दा उठाते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर निशाना साधा।नई तारीख और अनियमितताओं पर जवाब मांगाकांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मांग की कि सीजीपीएससी परीक्षाएं और साक्षात्कार स्थगित करने का कारण स्पष्ट करे। साथ ही मूल्यांकन और अभ्यर्थियों की शॉर्टलिस्टिंग पर उठे सवालों का जवाब देते हुए नई तारीखों की घोषणा करे और अभ्यर्थियों की आशंकाओं के समाधान के लिए पारदर्शी प्रक्रिया अपनाए।
बैज ने शिक्षक भर्ती, कामधेनु विश्वविद्यालय दुर्ग और विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त पदों का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा एक लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा पूरा नहीं हुआ है।कांग्रेस ने भर्ती प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अभ्यर्थियों का विश्वास बहाल करने की मांग की है।




