
रायपुर, 16 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री निवास में नवरात्रि के अवसर पर गरबा महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में माताओं-बहनों, बेटियों और गुजराती समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पारंपरिक परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने मां दुर्गा की आराधना के साथ गरबा की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। भक्ति संगीत और गरबा की धुनों से मुख्यमंत्री निवास का परिसर भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की। उन्होंने सभी को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नवरात्रि शक्ति की आराधना, श्रद्धा और भक्ति के साथ नारी सम्मान का महापर्व है। भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है। महिलाओं का सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण हमारी परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
### महतारी वंदन योजना से 68 लाख महिलाओं को मिल रहा लाभमुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तीकरण राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की लगभग 68 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इससे महिलाओं को परिवार की जरूरतों, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी खर्चों में आर्थिक संबल मिल रहा है।उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ की 14 लाख बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। यह महिलाओं के परिश्रम, आत्मविश्वास और आर्थिक आत्मनिर्भरता का प्रमाण है। सरकार का लक्ष्य महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में उनकी भागीदारी बढ़ाना है।
### छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोरमुख्यमंत्री साय ने कहा कि गरबा मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा और भक्ति की अभिव्यक्ति होने के साथ भारतीय सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है।
गुजरात से निकली गरबा की परंपरा आज देश-दुनिया में लोकप्रिय है। ऐसे आयोजन विभिन्न समाजों और संस्कृतियों के बीच एकता, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करते हैं।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की पावन धरती है, जहां सदियों से शक्ति आराधना की परंपरा चली आ रही है। बस्तर की मां दंतेश्वरी, डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी, रतनपुर की मां महामाया और चंद्रपुर की मां चंद्रहासिनी जैसे देवी धाम प्रदेश की आस्था और सांस्कृतिक पहचान के प्रमुख केंद्र हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। प्रमुख देवी धामों के विकास और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
### विकसित छत्तीसगढ़ में गुजराती समाज का अहम योगदान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुजराती समाज की उद्यमशीलता, परिश्रम और सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि समाज व्यापार, उद्योग, शिक्षा और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान सभी समाजों और संस्कृतियों को आत्मीयता से अपनाने की रही है। गुजराती समाज ने प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बनाकर यहां के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने में समाज की सहभागिता अहम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि शक्ति, सकारात्मकता और सामूहिकता का संदेश देती है। मां दुर्गा के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति करे और प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि आए, यही कामना है।### कई मंत्री और गणमान्य नागरिक रहे मौजूदकार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल और तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब सहित विभिन्न आयोगों एवं मंडलों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष उपस्थित रहे।इसके अलावा सर्व गुजराती समाज छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतेश गांधी, पूर्व विधायक एवं एन.आर. गुजराती एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष देवजी पटेल, गुजराती स्कूल के अध्यक्ष जयंती पटेल सहित गुजराती समाज के अनेक गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए।




