
रायपुर, 17 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए शुरू की गई सीएम हेल्पलाइन 1076 प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है। इस हेल्पलाइन पर अब तक 2 लाख 31 हजार 850 शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिनमें से 2 लाख 5 हजार 996 शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है। इस तरह कुल शिकायतों में से 88.85 प्रतिशत का समाधान हो चुका है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को नवा रायपुर स्थित सीबीडी बिल्डिंग में संचालित सीएम हेल्पलाइन कार्यालय पहुंचकर व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने शिकायतों के निराकरण, विभागवार प्रदर्शन और शिकायतकर्ताओं से प्राप्त फीडबैक की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला कलेक्टरों से भी चर्चा की और विभिन्न जिलों के शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद कर समस्याओं के समाधान की स्थिति जानी।ट्रांसफॉर्मर बदलने से 85 परिवारों को राहतसमीक्षा के दौरान गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र के दमन साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि गांव का ट्रांसफॉर्मर खराब होने से करीब 80 से 85 परिवार बिजली समस्या से
प्रभावित थे। सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के लगभग एक सप्ताह के भीतर नया ट्रांसफॉर्मर लगाया गया और बिजली आपूर्ति बहाल हो गई।आवास की किस्त मिली, नौ महीने से रुकी पेंशन भी शुरूजशपुर जिले के बगीचा विकासखंड निवासी वीरेंद्र यादव को प्रधानमंत्री आवास योजना की लंबित दूसरी किस्त शिकायत दर्ज कराने के करीब दस दिनों के भीतर मिल गई। उनके बैंक खाते में 55 हजार रुपये की राशि पहुंचने से आवास निर्माण का काम आगे बढ़ सका।वहीं, मुंगेली जिले के ग्राम करही निवासी तोरण साहू ने बताया कि उनकी माताजी की पेंशन लगभग नौ महीने से रुकी हुई थी। हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद विभागीय कार्रवाई हुई, पेंशन दोबारा शुरू हुई और लंबित राशि का भी भुगतान किया गया।शिकायत बंद करने से पहले वास्तविक समाधान जरूरी : मुख्यमंत्रीमुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि आम नागरिक की समस्या का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सबसे महत्वपूर्ण है। शिकायतों को केवल आंकड़ों में निपटाने के बजाय यह सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित व्यक्ति को वास्तविक राहत मिली है या नहीं। शिकायतकर्ताओं से मिलने वाला फीडबैक ही हेल्पलाइन की सफलता का महत्वपूर्ण आधार है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निराकरण में लापरवाही या अनावश्यक देरी होने पर जवाबदेही तय की जाए। अच्छा काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित भी किया जाए।शिकायतों के विश्लेषण से सुधरेंगी सरकारी सेवाएंमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि हेल्पलाइन पर बार-बार आने वाली शिकायतों का विभागवार और क्षेत्रवार विश्लेषण किया जाए। एक ही प्रकार की शिकायतें अधिक संख्या में मिलने पर उनके मूल कारणों की पहचान कर व्यवस्थागत सुधार किए जाएं।
उन्होंने बस्तर सहित दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों के नागरिकों तक हेल्पलाइन की सुविधा पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। इसके लिए ग्राम पंचायतों, उचित मूल्य की दुकानों और कॉमन सर्विस सेंटरों में वॉल पेंटिंग सहित विभिन्न माध्यमों से 1076 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉल रिस्पॉन्स, शिकायत पंजीयन, संबंधित विभाग तक शिकायत पहुंचाने, समय-सीमा में निराकरण और फीडबैक की प्रक्रिया को सरल एवं प्रभावी बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन 1076 शासन और जनता के बीच विश्वास मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक नागरिक की बात सुनी जाए और उसकी जायज समस्या का समय पर समाधान हो।समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, विशेष सचिव रजत बंसल सहित विभिन्न विभागों के सचिव और सभी जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।




