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रायपुर में तीन साल के मासूम की बेरहमी से पिटाई हाथ फ्रैक्चर, सिगरेट से दागने का आरोप आरोपी गिरफ़्तार

रायपुर से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। महज तीन साल के मासूम के साथ कथित तौर पर ऐसी बेरहमी की गई कि उसका हाथ फ्रैक्चर हो गया। चेहरे और आंखों के आसपास भी गंभीर चोटें आई हैं। इतना ही नहीं, बच्चे को सिगरेट से दागने और तीनों बच्चों को भूखा रखने तक के आरोप लगे हैं। मामले में पुलिस ने सगी मां और सौतेले पिता, दोनों को हिरासत में ले लिया है।

आखिर मासूम बच्चों के साथ क्या हुआ?

आइए जानते हैं पूरी खबर।

**मामला राजधानी रायपुर के तरुण नगर का है, जहां तीन मासूम बच्चों के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, अन्नू देवी पासवान अपने कथित पति राजा दीप के साथ किराए के मकान में रहती थी। महिला के पहले पति से तीन बच्चे हैं, जिनकी उम्र आठ, छह और तीन साल बताई जा रही है।आरोप है कि बच्चों को छोटी-छोटी बातों पर बेरहमी से पीटा जाता था और उन्हें खाना भी नहीं दिया जाता था। इस कथित हिंसा का शिकार तीन साल का रोहित हुआ, जिसके हाथ में फ्रैक्चर होने के साथ चेहरे और आंखों के आसपास चोटें आई हैं। बच्चे को सिगरेट से दागने का आरोप भी लगाया गया है।

**बताया जा रहा है कि 13 अक्टूबर की सुबह करीब साढ़े आठ बजे छह साल की बच्ची लक्ष्मी रोते हुए घर से बाहर आई। उसने मोहल्ले के लोगों को बताया कि उसके छोटे भाई रोहित के साथ मारपीट की गई है। इसके बाद स्थानीय लोगों ने मामले में हस्तक्षेप किया और सिविल लाइंस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।घायल रोहित को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। पहले सगी मां अन्नू देवी पासवान को गिरफ्तार किया गया, जबकि फरार चल रहे सौतेले पिता राजा दीप को भी अब पकड़ लिया गया है

: पुलिस का बयान

एसीपी रमाकांत साहू के मुताबिक, मामले की जांच जारी है और दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों को जल्द न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया की जाएगी।इस मामले में किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 के तहत कार्रवाई की गई है। अब बच्चों की सुरक्षा और उनके संरक्षण को लेकर भी संबंधित प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। सवाल यह है कि जिन बच्चों को सुरक्षा, प्यार और देखभाल मिलनी चाहिए, अगर उन्हीं के साथ कथित तौर पर हिंसा हो, तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन निभाएगा? उम्मीद है कि जांच में सभी तथ्य सामने आएंगे और बच्चों को सुरक्षित माहौल मिल सकेगा।बच्चों के साथ हिंसा या दुर्व्यवहार की आशंका होने पर चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर **1098** पर सूचना दी जा सकती है।

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