
Raped in Chhattisgarh : जहां नवरात्र के पावन समय में हर घर में पूजा-पाठ की आवाज गूंज रही थी. वहीं दूसरी ओर 55 साल का सहदेव ठाकुर अपनी 9 साल की भतीजी के साथ हैवानियत की घटना को अंजाम दिया। उसने स्कूटी पर बैठाकर “दुर्गा पंडाल दिखाने” के बहाने जंगल की ओर ले गया. मासूम को यह आभास भी नहीं था कि जिसे वह बड़े पिताजी मानती है, वही उसे जिंदगी का सबसे बड़ा जख्म देने वाला है।

जब पूरा देश मां दुर्गा की भक्ति में डूबा होता है. बच्चियों को ‘नवदुर्गा’ मानकर पूजन किया जाता है, उनके चरणों में अन्न और उपहार चढ़ाए जाते हैं. आस्था और विश्वास का यही पर्व बालोद जिले के गुरूर थाना क्षेत्र में मासूमियत को झकझोर देने वाले एक दर्दनाक हादसे से कलंकित हो गया.
देवी दर्शन के नाम पर हैवानियत
सोमवार की शाम घर-घर में पूजा-पाठ की गूंज थी. लेकिन इसी समय 55 साल का सहदेव ठाकुर अपनी 9 साल की भतीजी को स्कूटी पर बैठाकर “दुर्गा पंडाल दिखाने” के बहाने जंगल की ओर ले गया. मासूम को यह आभास भी नहीं था कि जिसे वह बड़ा पिताजी मानती है, वही उसे जिंदगी का सबसे बड़ा जख्म देने वाला है. जंगल में आरोपी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और साक्ष्य मिटाने के लिए उसका गला दबाकर हत्या करने की कोशिश की. जिससे मासूम बेहोश हो गई. आरोपी ने उसे मृत समझा और वहीं छोड़कर घर लौट आया.

कैसे बचा जीवन
कई घंटों बाद, लगभग शाम सात बजे, बच्ची को होश आया. अंधेरे जंगल में अकेली, घायल और डरी सहमी बच्ची ने पास के गांव की ओर कदम बढ़ाए. दूर से आ रही दुर्गा पंडाल की भक्ति गीतों की आवाज़ उसकी जिंदगी का सहारा बनी. उसी आवाज़ का पीछा करते हुए वह पंडाल तक पहुंची और ग्रामीणों को अपने साथ हुई दरिंदगी की दास्तां सुनाई. उसकी मासूम जुबान से निकले शब्द सुनकर हर कोई सन्न रह गया. ग्रामीणों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी और आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया.
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
घटना की जानकारी मिलते ही एसडीओपी बोनीफेस एक्का और थाना प्रभारी सुनील तिर्की सहित पूरा अमला सक्रिय हो गया. आरोपी सहदेव ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया गया. वहीं बच्ची को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है और हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है.





