
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर चुनाव प्रक्रिया को लेकर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाया है। शनिवार को रायपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता का समर्थन खो चुकी है और अब वोट चोरी तथा ईवीएम जैसे मुद्दों के जरिए झूठा नैरेटिव गढ़ने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस के इतिहास का किया जिक्रसंतोष पाण्डेय ने चुनावी गड़बड़ियों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने 1952 के चुनाव में डॉ. भीमराव आंबेडकर को हराने की कथित साजिश, 1975 में इंदिरा गांधी के चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले और 1987 के जम्मू-कश्मीर चुनाव का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का इतिहास चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े करने वाला रहा है।
चुनाव आयोग का किया बचावभाजपा सांसद ने निर्वाचन आयोग को लोकतंत्र की रीढ़ बताते हुए कहा कि आयोग ने देश में सैकड़ों विधानसभा और कई लोकसभा चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न कराए हैं। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा अमेरिका में निर्वाचन आयोग को लेकर दिए गए बयानों की भी आलोचना की।
SIR प्रक्रिया को बताया जरूरीपाण्डेय ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का समर्थन करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य फर्जी, दोहरे, मृत और स्थानांतरित मतदाताओं के नामों की पहचान कर मतदाता सूची को शुद्ध करना है। उन्होंने दावा किया कि केरल के कुछ कांग्रेस नेताओं ने भी इस प्रक्रिया की उपयोगिता स्वीकार की है।
उन्होंने बताया कि SIR के तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर जानकारी जुटाते हैं। इसके बाद प्रारूप मतदाता सूची जारी कर दावे और आपत्तियां आमंत्रित की जाती हैं तथा निर्धारित प्रक्रिया के बाद अंतिम सूची प्रकाशित की जाती है।
कांग्रेस पर लगाया राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोपसंतोष पाण्डेय ने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण कोई नई प्रक्रिया नहीं है और पहले भी कई बार ऐसा किया जा चुका है। उनके मुताबिक, निष्पक्ष चुनाव के लिए शुद्ध और विश्वसनीय मतदाता सूची जरूरी है। उन्होंने कांग्रेस पर चुनावी प्रक्रिया को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा करने का आरोप लगाया।




