छत्तीसगढ़महासमुंद

गढ़फुलझर में रामचंडी दिवस-2026 का आयोजन, विधायक पुरन्दर मिश्रा ने की शिरकत CM साय ने सर्वमंगल भवन का किया लोकार्पण

महासमुंद/रायपुर। महासमुंद जिले के बसना विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गढ़फुलझर में रामचंडी दिवस-2026 एवं बाबा बिशासहे कुल कोलता समाज के वार्षिक स्नेह सम्मेलन और बंधु मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रायपुर उत्तर विधायक पुरन्दर मिश्रा, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं संबलपुर सांसद धर्मेंद्र प्रधान शामिल हुए। इस दौरान माँ रामचंडी के प्रति श्रद्धा अर्पित करने के साथ कोलता समाज की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को नमन किया गया।

मुख्यमंत्री ने दी विकास कार्यों की सौगातकार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 50 लाख रुपये की लागत से निर्मित सर्वमंगल भवन का लोकार्पण किया। साथ ही मंदिर परिसर में 50 लाख रुपये की लागत से भव्य डोम निर्माण की घोषणा की। इसके अलावा 48 लाख रुपये की लागत से मानसरोवर तालाब का सौंदर्यीकरण और करीब 3.50 करोड़ रुपये की लागत से लगभग पौने दो किलोमीटर सड़क निर्माण का कार्य प्रगति पर है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण को प्राथमिकता देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, किसानों, श्रमिकों और युवाओं के हित में संचालित योजनाओं का भी उल्लेख किया।धर्मेंद्र प्रधान ने की कोलता समाज की सराहनापूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने माँ रामचंडी मंदिर की धार्मिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए गढ़फुलझर को आस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र बताया। उन्होंने कृषि, श्रम और सामाजिक विकास में कोलता समाज के योगदान की सराहना की। सांसद रूपकुमारी चौधरी और बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने भी क्षेत्र के विकास तथा सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करने पर जोर दिया।

पुरन्दर मिश्रा ने दिया सांस्कृतिक विरासत संरक्षण का संदेशरायपुर उत्तर विधायक पुरन्दर मिश्रा ने आयोजन में शामिल होने को सौभाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध लोकसंस्कृति, धार्मिक आस्था और गौरवशाली परंपराओं से है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षा, संस्कार, आपसी सहयोग और एकता समाज की प्रगति के प्रमुख आधार हैं। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री दयालदास बघेल, कोलता समाज के अध्यक्ष भुवनेश्वर सदावर्ती सहित अनेक जनप्रतिनिधि, समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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