छत्तीसगढ़दुर्ग

CRIME:ठगी के म्यूल अकाउंट मामले में 5 नए आरोपी गिरफ्तार, कमीशन के लालच में साइबर ठगी की रकम दूसरे खातों में करते थे ट्रांसफर

दुर्ग। देशभर में साइबर ठगी से प्राप्त रकम को बैंक खातों के माध्यम से ट्रांसफर करने के मामले में दुर्ग जिले की खुर्शीपार पुलिस ने पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी कमीशन के बदले अपने बैंक खातों के जरिए ठगी की रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर करने की गतिविधि में शामिल थे। मामले में पहले भी गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और पुलिस आगे की जांच कर रही है।

पुलिस के मुताबिक, गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर इंडियन बैंक के 81 खाताधारकों से संबंधित साइबर धोखाधड़ी का मामला थाना खुर्शीपार में दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि इन खातों का इस्तेमाल देश के विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी से प्राप्त रकम जमा करने और उसे दूसरे खातों में भेजने के लिए किया जा रहा था।

कमीशन लेकर खातों से ट्रांसफर करते थे रकम

विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला कि कुछ खाताधारक अपने बैंक खाते साइबर ठगी में संलिप्त लोगों को उपलब्ध कराते थे। इन खातों में ठगी की रकम जमा होने के बाद खाताधारक कमीशन लेकर उसे अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर कर देते थे। इस तरह बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर अपराध से अर्जित रकम के लेन-देन में किया जा रहा था।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम

पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों के नाम हैं:

  1. तरुण कुमार, निवासी बालाजी नगर, खुर्शीपार।
  2. गौरव साहू, निवासी शंकर नगर, थाना मोहन नगर।
  3. जसमीत सिंह, निवासी शिवाजी नगर, खुर्शीपार।
  4. निखिल नेम, निवासी एसटीएफ कॉलोनी, बघेरा, दुर्ग।
  5. नरगिस बानो, निवासी मछली मार्केट, खुर्शीपार।

इस मामले में थाना खुर्शीपार पुलिस द्वारा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 318(3), 318(4) एवं 238 के तहत कार्रवाई की जा रही है।

दुर्ग पुलिस की अपील

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक या बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को न दें। कमीशन या आर्थिक लाभ के लालच में अपना बैंक खाता किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने देना साइबर अपराध से जुड़ने का कारण बन सकता है।

पुलिस ने संदिग्ध बैंक लेन-देन की जानकारी मिलने पर तत्काल बैंक और पुलिस को सूचित करने की सलाह दी है। साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

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