
रायपुर। राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी थाना क्षेत्र के रामनगर में श्री लक्ष्मी विनायक ज्वेलर्स में हुई चोरी की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और रामनगर पुलिस चौकी की संयुक्त टीम ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने दुकान की दीवार में छेद कर सोने-चांदी के आभूषण चोरी किए थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी के आभूषण और वारदात में इस्तेमाल किए गए वाहन सहित करीब 14 लाख 51 हजार 700 रुपये का सामान जब्त किया है।
पुलिस के मुताबिक, ज्वेलर्स दुकान के संचालक सुनील जैन 29 सितंबर की रात दुकान बंद कर घर चले गए थे। अगले दिन सुबह जब वे दुकान पहुंचे, तो अंदर का सामान बिखरा हुआ था। दुकान की दाहिनी ओर की दीवार में बड़ा छेद था और डिस्प्ले में रखे सोने-चांदी के आभूषण गायब थे। इसके बाद उन्होंने गुढ़ियारी थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त क्राइम एवं साइबर स्मृतिक रजनाला और पुलिस उपायुक्त नॉर्थ जोन दीपमाला कश्यप के निर्देशन में विशेष टीमें गठित की गईं। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के हजारों सीसीटीवी फुटेज खंगाले। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने विशाल सचदेव और सूरज ढीमर को गिरफ्तार किया।जांच में सामने आया कि इस चोरी का मास्टरमाइंड विशाल सचदेव था। उसने महासमुंद में बर्फ की फैक्ट्री शुरू की थी, लेकिन फैक्ट्री नहीं चलने के कारण उस पर लाखों रुपये का कर्ज हो गया था।
आर्थिक परेशानी के चलते उसने अपने साथी सूरज ढीमर और एक अन्य आरोपी के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई।आरोपियों ने पहले ज्वेलर्स दुकान की रेकी की। इसके बाद 26 और 27 सितंबर की दरम्यानी रात दीवार में आधा छेद किया और वहां से लौट गए। फिर 29 और 30 सितंबर की रात दोबारा पहुंचकर छेद को बड़ा किया और दुकान में घुसकर सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर लिए।पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर करीब 3.5 किलोग्राम चांदी के आभूषण, सोने के आभूषण, आर्टिफिशियल ज्वेलरी और वारदात में इस्तेमाल की गई एक स्विफ्ट कार तथा बिना नंबर की एक्टिवा जब्त की है। जब्त सामान की कुल कीमत लगभग 14.51 लाख रुपये बताई गई है।
इस मामले में एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार जुटी हुई है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ गुढ़ियारी थाने में अपराध क्रमांक 430/26 के तहत बीएनएस की धारा 331(4) और 305(ए) में कार्रवाई की गई है।




