
रायपुर। राजधानी रायपुर के खमतराई थाना क्षेत्र में करीब दो साल पहले हुई महिला की हत्या के मामले में नॉर्थ जोन पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 21 अगस्त 2024 को ट्रांसपोर्ट नगर में रहने वाली 40 वर्षीय लता साहू की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में सबसे अहम कड़ी मृतिका के नाखूनों में मिले जैविक साक्ष्य (DNA) बने, जिनके वैज्ञानिक मिलान से आरोपियों की पहचान हुई।पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनहरण सारंग (33), राजेश पाल उर्फ चोटी उर्फ राजू (31) और राजू मंडल उर्फ बंगाली (35) के रूप में हुई है। तीनों पर हत्या में शामिल होने का आरोप है।शराब को लेकर विवाद, फिर हुई हत्यापुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 21 अगस्त 2024 को वे लता साहू के घर पर शराब पी रहे थे।
शराब खत्म होने के बाद दोबारा शराब मांगने को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो झूमाझटकी तक पहुंच गया। इसी दौरान तीनों ने मिलकर लता साहू को पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक, राजू मंडल ने गला दबाया, जबकि अन्य दो आरोपियों ने महिला के हाथ और पैर पकड़ रखे थे।संघर्ष के दौरान महिला ने बचने का प्रयास किया, जिससे आरोपियों के जैविक साक्ष्य उसके नाखूनों में आ गए। बाद में यही साक्ष्य पुलिस की जांच में महत्वपूर्ण साबित हुए।दो साल पुराने DNA साक्ष्य से खुला मामलाघटना के बाद पुलिस ने मृतिका के नाखूनों में मिले जैविक साक्ष्यों को सुरक्षित कर DNA प्रोफाइलिंग कराई थी। उस समय आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी थी।
वर्ष 2026 में संदिग्धों की जानकारी मिलने पर उनके DNA सैंपल का पुराने साक्ष्य से मिलान कराया गया। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपियों का DNA मृतिका के नाखूनों से मिले साक्ष्यों से मेल खाता पाया गया।इसके बाद लगातार पूछताछ में पुलिस को घटना के क्रम और आरोपियों की कथित भूमिका के बारे में जानकारी मिली।नकदी, साड़ी और पायल लेकर हुए थे फरारपुलिस के अनुसार, हत्या के बाद तीनों आरोपी घर में रखी नकदी, साड़ी और बाजारू पायल लेकर पीछे की दीवार से फरार हो गए थे।
नकदी आपस में बांट ली गई, जबकि साड़ी और पायल मनहरण सारंग ने अपने पास रखी थी। पुलिस अब आरोपियों की निशानदेही पर घटना से जुड़े सामान और अन्य साक्ष्यों के संबंध में वैधानिक कार्रवाई कर रही है।आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी आया सामनेपुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, राजू मंडल उर्फ बंगाली के खिलाफ पहले से चोरी के दो और हत्या का एक मामला दर्ज है। वहीं, मनहरण सारंग के खिलाफ मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने और अवैध वसूली से संबंधित अपराध दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
इस मामले के खुलासे में पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले के मार्गदर्शन और DCP क्राइम स्मृति राजनाला, DCP नॉर्थ जोन दीपमाला कश्यप की समीक्षा में जांच आगे बढ़ाई गई। ACP उरला पूर्णिमा लामा के पर्यवेक्षण में खमतराई थाना पुलिस और ACCU टीम ने कार्रवाई की। थाना प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र जायसवाल और ACCU के ASI नवरंग कश्यप की भी अहम भूमिका रही।करीब दो साल पुराने इस हत्याकांड का खुलासा सुरक्षित रखे गए वैज्ञानिक साक्ष्यों और लगातार की गई जांच के आधार पर हुआ।



