
रायपुर, 5 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार और निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने दावा किया कि SIR के नाम पर प्रदेश के 24 लाख 99 हजार 823 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं।
कांग्रेस ने इसे छत्तीसगढ़ के इतिहास का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक घोटाला बताते हुए आरोप लगाया कि बिना भौतिक सत्यापन के बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। कांग्रेस के मुताबिक इनमें 19 लाख 13 हजार 540 मतदाताओं को अनुपस्थित या शिफ्टेड बताया गया है, जबकि 6 लाख से अधिक मतदाताओं को मृत बताया गया।
सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि गरीब, मजदूर, आदिवासी और रोजगार के लिए बाहर जाने वाले मतदाताओं को विशेष रूप से प्रभावित किया गया है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में घर-घर जाकर सत्यापन करने के बजाय कंप्यूटर एल्गोरिदम और फिल्टर के आधार पर नाम हटाए गए।कांग्रेस ने फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग का भी आरोप लगाया। पार्टी ने बिलासपुर के तीन बूथों का उदाहरण देते हुए कहा कि एक साथ 117 मतदाताओं के नाम हटाए गए थे, लेकिन कांग्रेस की आपत्ति के बाद भौतिक सत्यापन में सभी मतदाता सही पाए गए।
कांग्रेस ने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे सामान्य प्रक्रिया बताकर निर्वाचन आयोग और भाजपा के कथित षड्यंत्र पर पर्दा डाल रहे हैं।कांग्रेस ने मांग की है कि हटाए गए सभी करीब 25 लाख मतदाताओं के पते पर बीएलओ जाकर भौतिक सत्यापन करें, पंचनामा तैयार किया जाए और स्थानीय स्तर पर सत्यापन के बाद ही नाम हटाने की अंतिम कार्रवाई की जाए।कांग्रेस का सवाल है कि यदि यह सामान्य प्रक्रिया है, तो नाम हटाने से पहले संबंधित मतदाताओं को लिखित नोटिस क्यों नहीं दिया गया? पार्टी ने 25 लाख मतदाताओं की सूची सार्वजनिक कर बूथवार जांच कराने की मांग भी की है।




