
रायपुर, 13 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में बदलाव की नई तस्वीर सामने आ रही है। ओरछा विकासखंड के कुरुषनार में कभी सुरक्षा बलों का कैंप रहा परिसर अब बच्चों की शिक्षा और भविष्य संवारने का केंद्र बन गया है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत खाली हुए इस परिसर को आश्रम शाला के रूप में उपयोग किया जा रहा है, जहां वर्तमान में 110 बच्चे सुरक्षित वातावरण में रहकर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।सुरक्षा कैंप से आश्रम शाला तक का सफरदूरस्थ वनांचल क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित आवास की चुनौतियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूर्व सुरक्षा कैंप का उपयोग बच्चों के हित में किया है। इस पहल से बच्चों को रहने के लिए सुरक्षित स्थान के साथ पढ़ाई और व्यक्तित्व विकास का अवसर मिल रहा है।

अब AI और डिजिटल तकनीक सीखेंगे बच्चेकुरुषनार के बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए जिला खनिज न्यास (DMF) के माध्यम से कई सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके तहत परिसर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) लैब, आधुनिक पुस्तकालय और खेल मैदान बनाने की योजना है।AI लैब के माध्यम से बच्चों को डिजिटल तकनीक, कोडिंग और आधुनिक विज्ञान की जानकारी मिल सकेगी। वहीं, पुस्तकालय से स्वाध्याय और सामान्य ज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने तथा खेल मैदान से शारीरिक विकास, अनुशासन और टीम भावना को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य है।
विकास की ओर बढ़ता अबूझमाड़कुरुषनार में हुआ यह बदलाव सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की संभावनाओं को दर्शाता है। पूर्व सुरक्षा शिविर का शैक्षणिक उपयोग दूरस्थ क्षेत्र के बच्चों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।प्रस्तावित सुविधाएं विकसित होने पर बच्चों को आधुनिक तकनीक, पुस्तकों और खेलों के माध्यम से अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलेगा। इससे अबूझमाड़ के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके उज्ज्वल भविष्य की राह मजबूत करने में मदद मिल सकती है।




