
रायपुर। डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधों की चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, फर्जी निवेश योजनाओं, डिजिटल अरेस्ट और बैंकिंग ठगी से नागरिकों को बचाने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस ने कार्रवाई के साथ जनजागरूकता पर विशेष जोर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में चलाए गए साइबर जागृति अभियान के तहत प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर लोगों को जागरूक किया गया।
7 सप्ताह में 1.70 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंचा संदेश15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक संचालित विशेष साइबर जागृति अभियान के अंतर्गत प्रदेश की 34 पुलिस इकाइयों में 5 लाख से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनके माध्यम से 1 करोड़ 70 लाख से अधिक नागरिकों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया। अभियान के दौरान 5.5 लाख से अधिक जागरूकता सेल्फी के जरिए लोगों की सहभागिता भी दर्ज की गई।
पुलिस ने ग्राम पंचायतों, ग्राम सभाओं, हाट-बाजारों, धार्मिक आयोजनों, स्कूल-कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर नागरिकों को साइबर अपराधों के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी।

फर्जी कॉल, निवेश और डिजिटल अरेस्ट से बचाव की जानकारीअभियान के दौरान डिजिटल सुरक्षा, यूपीआई धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट, महिलाओं की ऑनलाइन सुरक्षा, रोजगार के नाम पर ठगी और डेटा गोपनीयता जैसे विषयों पर जागरूकता फैलाई गई। नागरिकों को संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने और ओटीपी, पासवर्ड तथा यूपीआई पिन जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी गई।
पुलिस ने यह भी समझाया कि डिजिटल अरेस्ट के नाम पर धमकाकर पैसे मांगने वाले ठगों से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित एजेंसियों को दें।
जिलों के नवाचारों से बढ़ी अभियान की पहुंचसाइबर जागृति अभियान के तहत विभिन्न जिलों में स्थानीय स्तर पर अनूठी पहल की गई। मुंगेली में ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं के माध्यम से लगभग 15 हजार ग्रामीणों को जागरूक किया गया, जबकि गरियाबंद में मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्व-सहायता समूहों की लगभग 493 महिलाओं को अभियान से जोड़ा गया।
दुर्ग में नुक्कड़ नाटकों के जरिए 15 हजार से अधिक नागरिकों तक संदेश पहुंचाया गया। जांजगीर-चांपा में ‘एक राखी साइबर जागृति के नाम’ अभियान से लगभग 1.61 लाख लोगों को जागरूक किया गया। वहीं, बिलासपुर में आकाशवाणी के लाइव फोन-इन कार्यक्रम के माध्यम से लगभग आठ लाख श्रोताओं तक साइबर सुरक्षा की जानकारी पहुंची।
कोंडागांव में साइबर चेतना रथ, रायपुर में बिजली बिलों के माध्यम से चेतावनी संदेश और रायगढ़ में लघु फिल्म प्रतियोगिता जैसे नवाचार भी किए गए।
सोशल मीडिया पर 6 करोड़ से अधिक व्यूजअभियान के दौरान सोशल मीडिया का भी व्यापक उपयोग किया गया। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के सहयोग से 3,100 से अधिक पोस्ट साझा की गईं, जिन्हें 6.02 करोड़ से अधिक व्यूज मिले। रायपुर में आयोजित साइबर जागरूकता लघु फिल्म प्रतियोगिता में 11 राज्यों के 35 जिलों से 162 फिल्में प्राप्त हुईं। युवाओं को साइबर प्रहरी के रूप में जोड़कर परिवारों और समाज में जागरूकता फैलाने पर भी जोर दिया गया।
साइबर अपराधियों के नेटवर्क पर भी कार्रवाईजनजागरूकता के साथ छत्तीसगढ़ पुलिस साइबर अपराधियों के नेटवर्क पर भी कार्रवाई कर रही है। साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खातों, फर्जी सिम उपलब्ध कराने वालों और ऐसे खाते खुलवाने में संलिप्त बैंककर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।
उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने 9 अक्टूबर को रायपुर में आयोजित राज्यस्तरीय अभिनंदन समारोह में बताया कि साइबर अपराधियों के नेटवर्क के विरुद्ध कार्रवाई से संबंधित एफआईआर में कमी आई है और ठगी गई राशि की रिकवरी दर में वृद्धि हुई है।
पुलिस नागरिकों को साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने अथवा “राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल” (https://cybercrime.gov.in/) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने के लिए भी जागरूक कर रही है।
आठ जिलों को किया गया सम्मानित9 अक्टूबर 2026 को रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में साइबर जागरूकता के क्षेत्र में नवाचार करने वाले कोंडागांव, रायपुर, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, दुर्ग, गरियाबंद और मुंगेली जिलों को सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने साइबर सुरक्षा को प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी बताते हुए अभियान को निरंतर जारी रखने और जनआंदोलन का स्वरूप देने पर जोर दिया। वहीं, गृह मंत्री विजय शर्मा ने बदलते साइबर अपराधों से बचाव के लिए लगातार जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
साइबर सुरक्षा के लिए सतर्कता जरूरीडिजिटल युग में साइबर अपराधों से बचाव के लिए केवल पुलिस की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि नागरिकों की सतर्कता और जागरूकता भी जरूरी है।
छत्तीसगढ़ पुलिस का साइबर जागृति अभियान इसी दिशा में एक व्यापक पहल है, जिसका उद्देश्य लोगों को ठगी के तरीकों की पहचान करने, सुरक्षित डिजिटल लेनदेन अपनाने और समय पर शिकायत दर्ज कराने के लिए सक्षम बनाना है।




