
रायपुर के न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में सामने आए एक बेहद गंभीर मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के मुताबिक, एक नाबालिग लड़की के साथ उसके पिता द्वारा लंबे समय तक दुष्कर्म किया गया। मामला तब और गंभीर हो गया जब नाबालिग के गर्भवती होने के बाद उसकी उम्र और वैवाहिक स्थिति छिपाकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए अस्पताल में प्रसव कराया गया।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2023 में पहली बार घटना हुई थी। आरोप है कि पिता ने धमकी देकर नाबालिग का शोषण किया और बाद में भी यह सिलसिला जारी रहा। लड़की के गर्भवती होने पर गर्भपात कराने की कोशिश किए जाने का भी आरोप है।लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।वर्ष 2025 में नाबालिग दोबारा गर्भवती हुई। इसके बाद उसे अलग-अलग लोगों के घर ले जाया गया। पुलिस का आरोप है कि उसकी वास्तविक उम्र छिपाकर उसे बालिग और विवाहित बताया गया और कथित तौर पर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर डंगनिया स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वहां ऑपरेशन के जरिए बच्चे का जन्म हुआ। पुलिस के मुताबिक, प्रसव के बाद नवजात को किसी अन्य व्यक्ति को सौंप दिया गया। नाबालिग से कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी कराए गए।पीड़िता ने आखिरकार 17 अगस्त 2026 को न्यू राजेंद्र नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज की।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पीड़िता के पिता समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
मामले में BNS, POCSO Act और Juvenile Justice Act की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है।अब पुलिस इस पूरे मामले में यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेज किस तरह तैयार किए गए, अस्पताल में नाबालिग की पहचान और उम्र की पुष्टि कैसे हुई और नवजात को किस व्यक्ति को तथा किन परिस्थितियों में सौंपा गया।रायपुर पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच भी अहम मानी जा रही है।




