
रायपुर, 5 अक्टूबर 2026। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत ईडब्ल्यूएस और एलआईजी परिवारों के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराने की दिशा में छत्तीसगढ़ की पहल को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है।विश्व पर्यावास दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने छत्तीसगढ़ को पुरस्कार प्रदान किया। यह सम्मान ईडब्ल्यूएस-एलआईजी वर्ग के लिए भूमि आरक्षण और अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप यानी AHP मॉडल के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दिया गया है।
छत्तीसगढ़ सरकार के अनुसार, निजी कॉलोनियों में ईडब्ल्यूएस और एलआईजी वर्ग के लिए भूमि आरक्षण के प्रावधान से 25,413 आवासों के निर्माण के लिए बिना सरकारी खर्च के जमीन उपलब्ध हुई है। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 1.0 के तहत 17,790 और योजना 2.0 के तहत 7,623 आवास शामिल हैं।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर नगरीय प्रशासन विभाग, SUDA और नगरीय निकायों की टीम को बधाई देते हुए कहा कि ‘सबके लिए आवास’ के संकल्प को छत्तीसगढ़ पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रहा है।
वहीं उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य ने सिर्फ आवास निर्माण तक सीमित न रहकर जमीन की उपलब्धता से लेकर किफायती घर के निर्माण तक प्रभावी व्यवस्था विकसित की है।सरकार का कहना है कि निजी कॉलोनियों में भूमि आरक्षण से कमजोर और निम्न आय वर्ग के परिवारों को विकसित शहरी क्षेत्रों में आवास के साथ सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा जैसी सुविधाओं तक बेहतर पहुंच मिलने का रास्ता भी तैयार हुआ है।छत्तीसगढ़ की इस कार्यप्रणाली को भारत सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ के रूप में राष्ट्रीय पहचान दी है।




