
रायपुर –छत्तीसगढ़ में टैक्सी परमिट शुल्क में की गई बढ़ोतरी के खिलाफ टैक्सी चालक और मालिक संगठन लामबंद हो गए हैं। संगठनों ने सरकार से बढ़े हुए परमिट शुल्क पर पुनर्विचार करने और पुराने दरों पर ही परमिट जारी रखने की मांग की है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि 4 नवंबर तक सरकार उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लेती, तो 5 नवंबर को रायपुर एयरपोर्ट के बाहर टैक्सियां खड़ी कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
– 1दरअसल, छत्तीसगढ़ के विभिन्न टैक्सी चालक एवं मालिक संगठनों ने परिवहन विभाग द्वारा टैक्सी वाहनों के परमिट शुल्क में की गई बढ़ोतरी का विरोध किया है। संगठनों का कहना है कि शुल्क में वृद्धि से हजारों वाहन चालक और मालिक आर्थिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं। इसे लेकर सभी संगठनों ने एकजुट होकर सरकार से बढ़ी हुई दरों पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
– 2संगठनों की प्रमुख मांग है कि परमिट की नई बढ़ी हुई दरों पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए और अंतिम निर्णय होने तक पुराने निर्धारित शुल्क पर ही टैक्सी वाहनों के परमिट जारी किए जाएं। संगठनों ने साफ किया है कि यदि 4 नवंबर 2026 तक उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया गया, तो 5 नवंबर को रायपुर एयरपोर्ट के बाहर टैक्सियां खड़ी कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
3टैक्सी संगठनों ने यह भी कहा है कि प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान यदि किसी यात्री की फ्लाइट छूटती है या उड़ान रद्द होती है, तो इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। वहीं, संगठनों ने सरकार से टैक्सी व्यवसाय से जुड़े हजारों लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द राहत देने की अपील की है।
–अब देखना होगा कि टैक्सी संगठनों की इस चेतावनी के बाद सरकार क्या कदम उठाती है और क्या 5 नवंबर को रायपुर एयरपोर्ट पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन टल पाएगा।




