
रायपुर, 8 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि युवा शक्ति ही विकसित और सशक्त भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं को अपनी रुचि के अनुसार लक्ष्य निर्धारित कर पूरी मेहनत, लगन और समर्पण के साथ उसे हासिल करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि समय का सदुपयोग और निरंतर परिश्रम सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी है।
मुख्यमंत्री गुरुवार शाम राजधानी रायपुर के सड्डू में न्यूज 24 और लल्लूराम डॉट कॉम द्वारा आयोजित ‘जेन नेक्स्ट संवाद : यंग माइंड्स, मीनिंगफुल कन्वर्सेशंस’ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने जेन-जी और जेन-अल्फा के विद्यार्थियों से संवाद किया। छात्रों ने शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, जल संरक्षण, आर्थिक विकास और मुख्यमंत्री के राजनीतिक सफर से जुड़े सवाल पूछे, जिनका मुख्यमंत्री ने सहज और आत्मीय अंदाज में जवाब दिया।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बढ़ा भारत का सम्मानमुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिष्ठा बढ़ाई है। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अभियान ने स्वच्छता के प्रति लोगों की सोच और व्यवहार में बड़ा बदलाव लाया है। घर-घर शौचालय निर्माण से महिलाओं के सम्मान और स्वास्थ्य की रक्षा में भी महत्वपूर्ण योगदान मिला है।उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की सामर्थ्य और दृढ़ इच्छाशक्ति को प्रदर्शित किया है। प्रधानमंत्री का वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प देश के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।
छोटे गांव से मुख्यमंत्री तक का सफर साझा कियाविद्यार्थियों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने जीवन के संघर्षों को साझा किया। उन्होंने बताया कि जशपुर जिले के बगिया गांव में उनका बचपन बीता। लगभग 10 वर्ष की उम्र में पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारियां उनके कंधों पर आ गईं। उन्होंने पढ़ाई के साथ खेती-बाड़ी संभाली और परिवार की जिम्मेदारियां निभाईं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह सरपंच बनेंगे, लेकिन सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदारियां निभाते हुए उन्हें विधायक, सांसद, केंद्रीय राज्यमंत्री और फिर मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश की सेवा करने का अवसर मिला। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि ईमानदारी, निष्ठा और कर्म के प्रति समर्पण से जीवन में आगे बढ़ा जा सकता है।
छत्तीसगढ़ में शिक्षा सुविधाओं का हुआ विस्तारमुख्यमंत्री ने अपने विद्यार्थी जीवन को याद करते हुए बताया कि पहले ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की सुविधाएं सीमित थीं। उन्हें पांचवीं बोर्ड की परीक्षा देने के लिए दूसरे गांव जाना पड़ा था। आज छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है।
उन्होंने कहा कि राज्य में 17 प्रयास विद्यालय संचालित हैं, जहां विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद दी जा रही है। वहीं, पीएमश्री योजना के अंतर्गत प्रदेश के 341 स्कूल शामिल हैं। इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, प्रयोगशालाओं और आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। नई शिक्षा नीति का उद्देश्य शिक्षा को संस्कार, कौशल और रोजगार से जोड़ना है।
जल संरक्षण के लिए युवाओं से की अपीलजल संरक्षण से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा, “जल है तो कल है।” उन्होंने गिरते भूजल स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों से अपने घरों, स्कूलों और आसपास के क्षेत्रों में वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने की अपील की।मुख्यमंत्री ने कोरिया जिले के 5 प्रतिशत मॉडल और राजनांदगांव में सोक पिट निर्माण के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि जल संरक्षण को जनभागीदारी के माध्यम से जन आंदोलन बनाना जरूरी है।
वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का लक्ष्यप्रदेश के आर्थिक विकास पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने वर्ष 2047 को ध्यान में रखते हुए विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध प्रदेश में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर प्रबंधन कर आर्थिक विकास को गति देने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने युवाओं को प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।
भक्ति गीतों का लिया आनंद, प्रतिभाओं का किया सम्मानकार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने युवाओं के साथ ‘भजन क्लबिंग’ के तहत आधुनिक अंदाज में प्रस्तुत भक्ति गीतों का आनंद लिया। मुख्यमंत्री ने खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले युवाओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, युवा और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।




