राष्ट्रपति की मौजूदगी में संस्कृति, सेवा और युवा शक्ति का संदेश, विकसित भारत @ 2047 का लिया संकल्प

रायपुर, 23 अक्टूबर 2026। राजधानी रायपुर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित नुआखाई भेंटघाट, सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन कार्यक्रम में संस्कृति संरक्षण, सामाजिक समरसता, जनसेवा और युवा सशक्तिकरण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक शामिल हुए।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित करते हुए युवाओं को राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत @ 2047 के संकल्प से जोड़ना रहा।

नुआखाई पर्व को कृषि परंपरा, किसानों के सम्मान, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और सामाजिक एकता का प्रतीक बताया गया।युवा शक्ति से साकार होगा विकसित भारत का सपनाकार्यक्रम में युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार, उद्यमिता, नवाचार और डिजिटल सशक्तिकरण के माध्यम से देश के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया गया। साथ ही युवाओं से नशामुक्त जीवन, अनुशासन, सकारात्मक सोच और सेवा भावना अपनाने का आह्वान किया गया।
वक्तव्य में कहा गया कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक समृद्धि, महिला सशक्तिकरण और किसानों के सम्मान को भी प्राथमिकता देनी होगी। विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना इस संकल्प का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
राष्ट्रपति की उपस्थिति ने बढ़ाया उत्साहराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताते हुए उनके जीवन संघर्ष, सादगी, दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्रसेवा का उल्लेख किया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि शिक्षा, परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।आयोजन में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, टंकराम वर्मा, श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, इंद्र कुमार साहू, भावना बोहरा और संपत अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं युवा उपस्थित रहे।कार्यक्रम के समापन पर संस्कृति के संरक्षण, सेवा के विस्तार, युवा शक्ति के सशक्तिकरण और विकसित भारत @ 2047 के निर्माण का संकल्प दोहराया गया।




