
रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को बड़ी सफलता मिली है। महादेव ऑनलाइन बुक के प्रमोटर और मामले के प्रमुख आरोपी सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत प्रत्यर्पित करा लिया गया है। CBI की विशेष टीम उसे ओमान से भारत लेकर पहुंची है। अब उसे रायपुर की CBI विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। CBI की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर को 2 नवंबर 2026 को रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया जाना है।
CBI के अनुसार, सौरभ चंद्राकर दो मामलों में वांछित था, जिनमें जांच एजेंसी पहले ही आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ED) के एक मामले में भी उसके खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की गई है।

विदेश से संचालित हो रहा था सट्टेबाजी का नेटवर्क
CBI ने छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध पर महादेव ऑनलाइन बुक से जुड़े मामलों की जांच अपने हाथ में ली थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, महादेव ऑनलाइन बुक देश के बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क में शामिल था, जिसका संचालन विदेश से किया जा रहा था।इस नेटवर्क के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, ताश के खेल और अन्य आयोजनों पर ऑनलाइन सट्टा लगाया जाता था। इसके लिए देशभर में फ्रेंचाइजी पैनल और शाखाओं का नेटवर्क तैयार किया गया था। इनके माध्यम से यूजर्स को जोड़कर उनसे सट्टे में रकम लगवाई जाती थी।
म्यूल खातों और हवाला के जरिए विदेश भेजी जाती थी रकम
जांच में CBI ने खुलासा किया कि कथित अवैध सट्टेबाजी से प्राप्त रकम को बड़ी संख्या में म्यूल बैंक खातों के माध्यम से इधर-उधर किया जाता था। कई स्तरों पर लेन-देन के बाद इस रकम को हवाला चैनलों के जरिए विदेश भेजा जाता था।
CBI का यह भी दावा है कि सट्टेबाजी से प्राप्त रकम का एक हिस्सा सरकारी कर्मचारियों को कथित रूप से संरक्षण राशि देने में इस्तेमाल किया जाता था, ताकि इस नेटवर्क का संचालन बिना किसी बाधा के जारी रह सके।

भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और जालसाजी के तहत मामले
CBI ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 और भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़े आरोपपत्र दाखिल किए हैं। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई है।
वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सौरभ चंद्राकर से जुड़े भारत और विदेशों में स्थित कई संपत्तियों को अटैच किया है।
रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर ओमान में हुई थी हिरासत
CBI की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर के खिलाफ जारी रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर उसका पता लगाया गया था। इसके बाद रॉयल ओमान पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। भारत की CBI और ED ने ओमान सरकार को प्रत्यर्पण के लिए औपचारिक प्रस्ताव और जांच से जुड़े साक्ष्य उपलब्ध कराए।
भारत सरकार की एजेंसियों, इंटरपोल और ओमान के अधिकारियों के बीच समन्वय के बाद प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी हुई। इसके बाद CBI की टीम उसे भारत लेकर आई।
मेडिकल जांच के बाद रायपुर लाया जाएगा
CBI के मुताबिक, भारत पहुंचने के बाद सौरभ चंद्राकर का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर उसे रायपुर लाया जाएगा। 2 नवंबर 2026 को उसे रायपुर की CBI विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। अब इस मामले में आगे की न्यायिक कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।




