
रायपुर। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के सेंट्रल जोन में लापता व्यक्तियों की तलाश के लिए चलाए गए विशेष अभियान में पुलिस ने 39 लोगों को खोजकर उनके परिजनों से मिलवा दिया है। कुल 50 प्रकरणों में से 11 लोगों की तलाश अभी जारी है। पुलिस के मुताबिक, अब तक मिले सभी 39 व्यक्तियों के मामलों में जांच के दौरान किसी अपराध या अनिष्ट की पुष्टि नहीं हुई है।डीसीपी सेंट्रल जोन तारकेश्वर पटेल के निर्देशन और एडिशनल डीसीपी विवेक शुक्ला के मार्गदर्शन में विभिन्न थानों की टीमों ने यह कार्रवाई की। पुलिस ने लगातार पतासाजी और आपसी समन्वय के जरिए लापता व्यक्तियों को खोजा।
अलग-अलग कारणों से घर से हुए थे लापताजांच में सामने आया कि कुछ लोग काम की तलाश में बाहर चले गए थे, जबकि कुछ पारिवारिक नाराजगी, मानसिक अस्वस्थता और प्रेम संबंधों के कारण घर छोड़कर चले गए थे। कुछ लोगों के विवाह कर लेने की जानकारी भी मिली। वहीं, कुछ लोग नवरात्रि के दौरान परिजनों को बिना बताए डोंगरगढ़ दर्शन के लिए गए थे।एफआईआर दर्ज होने का मतलब अपहरण नहींपुलिस ने स्पष्ट किया कि 22 मई 2026 के बाद प्राप्त गुमशुदगी की सूचनाओं पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के अनुसार एफआईआर दर्ज की जा रही है।

केवल एफआईआर दर्ज होने से अपहरण या किसी अन्य अपराध का घटित होना प्रमाणित नहीं होता।पुलिस के अनुसार, कोतवाली में 5 में से 4, गोलबाजार में 4 में से 3, मौदहापारा में 12 में से 11, गंज में 7 में से 4, सिविल लाइन में 10 में से 6, तेलीबांधा में 8 में से 7 और देवेंद्र नगर में सभी 4 प्रकरणों में लापता व्यक्तियों को खोज लिया गया है।शेष 11 व्यक्तियों की तलाश जारी है। रायपुर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें और तथ्यों की पुष्टि किए बिना उन्हें सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर साझा न करें।





