
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में पिछले दो दिनों से हुई बारिश और तूफान के कारण फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए प्रशासन ने सर्वे तेज करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कृषि विभाग, राजस्व विभाग और फसल बीमा कंपनी के अधिकारियों की आकस्मिक बैठक लेकर युद्ध स्तर पर सर्वे पूरा करने को कहा है।कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि प्रभावित किसानों की फसलों को हुए वास्तविक नुकसान का आकलन कर उन्हें नियमानुसार मुआवजा और फसल बीमा का लाभ दिलाया जाए। जिन किसानों ने फसल बीमा नहीं कराया है, उन्हें भी पात्रता के अनुसार राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) 6-4 के तहत सहायता दी जाएगी।
सर्वे में तेजी लाने के लिए टीमों की संख्या बढ़ाने और डिजिटल क्रॉप सर्वे का अनुभव रखने वाले युवाओं की मदद लेने के निर्देश भी दिए गए हैं।जिले में चालू खरीफ सीजन के दौरान एचडीएफसी एर्गो कंपनी के माध्यम से करीब 47 हजार किसानों ने फसल बीमा कराया है। प्रशासन ने कहा है कि प्रभावित किसानों को राहत दिलाने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से काम करें।
बीमित किसान 72 घंटे के भीतर दर्ज कराएं सूचनासहायक संचालक कृषि शशांक शिंदे के अनुसार, कटाई के बाद खेत या खलिहान में रखी धान की फसल को पानी से नुकसान होने पर बीमित किसानों को नियमानुसार बीमा लाभ मिल सकता है। ऐसे किसान नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447, व्हाट्सएप नंबर 7065514447 या अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विकास अधिकारी को दे सकते हैं।वहीं, अत्यधिक बारिश और तूफान से खड़ी फसल गिरने की स्थिति में फसल कटाई प्रयोगों के परिणामों के आधार पर नियमानुसार सहायता निर्धारित की जाएगी। प्रशासन ने प्रभावित किसानों से अपील की है कि वे समय-सीमा के भीतर नुकसान की सूचना दर्ज कराएं, ताकि राहत और बीमा दावे की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके।




