
रायपुर। राजधानी रायपुर के पंडरी स्थित जीवन बीमा मार्ग पर आधी रात को तीन दुकानों में कथित अवैध तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ युवक नगर निगम के फर्जी कर्मचारी बनकर मजदूरों के साथ मौके पर पहुंचे और रात करीब 2 बजे दुकानों को तोड़ना शुरू कर दिया। व्यापारियों ने मौके पर पहुंचकर तोड़फोड़ कर रहे युवकों को पकड़ लिया और देवेंद्र नगर थाना पुलिस के हवाले कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, चार दिन पहले नगर निगम की ओर से इन दुकानों पर भवन जर्जर होने का हवाला देते हुए नोटिस चस्पा किया गया था। व्यापारियों का आरोप है कि जवाब देने के लिए पर्याप्त समय दिए बिना ही रातों-रात तोड़फोड़ की कोशिश की गई।
राहगीरों की सूचना पर दुकान मालिक मौके पर पहुंचे और युवकों को पकड़ लिया।घटना की जानकारी मिलते ही रायपुर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने दुकानों का निरीक्षण करते हुए भवन को मजबूत RCC निर्माण बताया और सवाल उठाया कि आखिर इसे जर्जर घोषित करने के पीछे क्या वजह थी।
आकाश तिवारी ने आरोप लगाया कि नगर निगम की अधिकृत तोड़फोड़ कार्रवाई निर्धारित प्रक्रिया के तहत दिन में और पुलिस बल की मौजूदगी में होती है, लेकिन यहां रात 2 बजे बिना पहचान पत्र के कुछ लोग निगम कर्मचारी बनकर तोड़फोड़ कर रहे थे। उन्होंने इस पूरे मामले में बिल्डर लॉबी को फायदा पहुंचाने की आशंका भी जताई।
नेता प्रतिपक्ष ने पुलिस पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि व्यापारियों द्वारा युवकों को पकड़कर थाने में सौंपने के बावजूद FIR दर्ज नहीं किए जाने और पूछताछ न होने के आरोप गंभीर हैं।आकाश तिवारी ने मामले की उच्चस्तरीय जांच, कथित फर्जी कर्मचारियों और उनके पीछे शामिल लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने तथा देवेंद्र नगर थाना प्रभारी की भूमिका की जांच की मांग की है।उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो व्यापारी संघ के साथ नगर निगम मुख्यालय और थाने का घेराव किया जाएगा।




