
बिलासपुर। शहर के शनिचरी बाजार क्षेत्र स्थित गौसेवा धाम के उद्घाटन समारोह के अवसर पर सोमवार से पांच दिवसीय दिव्य गौकथा का शुभारंभ हुआ। हिमाचल प्रदेश की देवभूमि से पहुंचे राष्ट्रीय संत एवं गौ गंगा कृपा कांक्षी गोपाल मणि महाराज के श्रीमुख से आयोजित गौकथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गौसेवक शामिल हुए। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं ने ‘गौमाता राष्ट्रमाता’ के जयघोष लगाए।
गौकथा के प्रथम दिन महाराज श्री ने ‘धेनु मानस’ के माध्यम से गौमाता की महिमा और सनातन परंपरा में गाय के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गौमाता की महिमा तभी प्रकट होगी, जब समाज उसका सम्मान करेगा। उन्होंने कहा कि गौमाता को केवल अनुदान नहीं, बल्कि सम्मान की आवश्यकता है।

महाराज ने गाय को राष्ट्रमाता का सम्मान दिए जाने की बात कहते हुए कहा कि वेद, पुराण और विभिन्न धार्मिक ग्रंथों में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। उन्होंने कहा कि गाय को पशु के रूप में देखने के बजाय उसके धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को समझने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिस दिन गौमाता को सम्मान मिलेगा, उस दिन वह अपना वैभव प्रकट करेगी और विश्व कल्याण का मार्ग प्रशस्त होगा।
उन्होंने कहा कि गाय का शरीर विशिष्ट है और गौवंश सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण आधार है। साथ ही उन्होंने समाज से गौसेवा और गौसंरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया।बिना सरकारी अनुदान के तैयार हुआ गौसेवा धामबिलासपुर गौसेवा धाम के अध्यक्ष विपुल शर्मा ने बताया कि शहर में बिना सरकारी अनुदान के विशाल गौसेवा धाम हॉस्पिटल का निर्माण किया गया है।
यहां सड़क दुर्घटनाओं में घायल गौवंश के उपचार के साथ ऑपरेशन थिएटर, ओपीडी, आईसीयू वार्ड, विकलांग वार्ड सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध हैं।उन्होंने बताया कि गौसेवा धाम में 200 से अधिक गौवंश की देखभाल की जा रही है। उनके लिए चारा-पानी की व्यवस्था, 24 घंटे गौसेवकों की देखरेख और चिकित्सकों की टीम उपलब्ध रहती है। उन्होंने शहरवासियों से गौसेवा धाम का एक बार भ्रमण कर वहां की व्यवस्थाओं को देखने की अपील की।
वृक्षारोपण कार्यक्रम भी हुआगौकथा के अवसर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पूज्य संत गोपाल मणि महाराज, सीता शरण जी महाराज, रामअवतार अग्रवाल, विपुल शर्मा, रतन लाल शर्मा, आचार्य सचिन महाराज, संकल्प शुक्ला, गोपाल कृष्ण रामानुज दास, विष्णु पुरोहित, प्रकाश पुरोहित, शुभम शुक्ला, शिवांश पांडे, बंटी गुप्ता, विकास शर्मा सहित बड़ी संख्या में गौसेवक उपस्थित रहे।कथा के पश्चात आरती और प्रसाद वितरण किया गया। पांच दिवसीय गौकथा का आयोजन 31 अगस्त से 4 सितंबर तक किया जा रहा है।




