
रायपुर, 2 नवंबर 2026। भाजपा विधायक पुरन्दर मिश्रा ने राहुल गांधी के रामलीला मैदान में दिए गए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस पर सनातन संस्कृति और छत्तीसगढ़ की अस्मिता का अपमान करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को पहले भगवान शिव के तांडव के आध्यात्मिक महत्व को समझना चाहिए और सनातन संस्कृति को आहत करने वाले बयानों के लिए देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए।पुरन्दर मिश्रा ने कहा कि भगवान शिव की बारात सामाजिक समरसता, सद्भाव और एकात्मता का प्रतीक है, जिसमें समाज के प्रत्येक वर्ग का स्थान है। वहीं, भगवान शिव का तांडव सनातन धर्म का गहन आध्यात्मिक दर्शन है, इसे राजनीतिक अराजकता से जोड़ना उचित नहीं है।
उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के कार्यक्रमों के बहिष्कार को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। मिश्रा ने कहा कि 1 नवंबर जैसे गौरवशाली अवसर पर कांग्रेस नेताओं का बहिष्कार प्रदेश की तीन करोड़ जनता और छत्तीसगढ़ महतारी की भावनाओं का अपमान है। उन्होंने कांग्रेस से प्रदेशवासियों के सामने सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।मिश्रा ने 1984 के सिख नरसंहार का उल्लेख करते हुए कांग्रेस से उस घटना की जिम्मेदारी और अपने नेताओं की भूमिका पर जवाब देने की बात कही। साथ ही, रामलीला मैदान में 10 लाख लोगों की भीड़ जुटने के दावे पर सवाल उठाते हुए उन्होंने मैदान की बताई जा रही क्षमता से तुलना कर कांग्रेस से स्पष्टीकरण मांगा।
उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक टकराव बढ़ाने और देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक भूमिका नहीं निभाने का आरोप लगाया। मिश्रा ने कहा कि देश को अराजकता नहीं, बल्कि एकता और राजनीतिक स्वार्थ के बजाय राष्ट्रहित की आवश्यकता है।
पुरन्दर मिश्रा ने कहा कि सनातन संस्कृति, सिख समाज के सम्मान और छत्तीसगढ़ की अस्मिता से जुड़े विषयों पर राजनीति करने के बजाय कांग्रेस को अपनी भूमिका स्पष्ट करते हुए प्रदेशवासियों से माफी मांगनी चाहिए।




